संभोग

on

​#संभोग
*******************************************

“संभोग” 

छीः संभोग 

हाँ संभोग 

वही संभोग

कतराते हो जिसका 

नाम लेने से 
परंतु क्या तुम जानते हो कि

क्या है संभोग ?

पुरुष मन की तृप्ती ?

पुरुष का वीर्य स्खलन ?

पुरुष के शौर्य का प्रतीक ?

पौरुष की असल पहचान ?

नहीं बिल्कुल नहीं 

तुम समझते हो 

कुछ पल 

अपने देह को स्त्री की 

देह से रगड़ कर 

बहा देना उस 

गाढ़े द्रव को 

संभोग है

तो तुम निहायती 

जाहिल अज्ञानी 

और हो मूढ़ मति 

के स्वामि 
संभोग अर्थात सम भोग 

यानि बराबर का सुख 

दोनों देहों की वह तृप्ती 

जो उन्हें अलग कर दे 

कुछ पल के लिए

हर प्रकार की 

सांसारिक गतिविधियों से 

उस क्रिया के समय

पुरुष के मुख पर हो जितना 

सुख और संतोष

उसके बराबर ही

हो स्त्री के मुख पर भी
सबसे कठिन है 

स्त्री के मन को जीत लेना

स्त्री के मन को तृप्त कर देना 

कुछ पलों के लिए

खुद को सुख का सागर 

मानते हुए 

स्त्री की देह को 

उस सागर में

बहने देना, 

संभोग नहीं है केवल 

एक विशेष अंग के

दूसरे विशेष अंग में 

समावेश की क्रिया 

संभोग है दो देहों 

को सुख और संतोष 

की प्रकाष्ठा पर 

पहुंचा देने की योग साधना 
बलात्कारी क्यों है 

बलात्कारी ?

क्योंकि उसने संभोग नहीं 

अपितु किया है केवल भोग 

आत्म भोग 

वह भोग जिसने 

उसकी घृणित आत्मा को 

क्षण भर के झूठे सुख की 

अनुभूति करायी 

उस समय वो 

नहीं देख पाया होगा 

दूसरी देह के मुख 

पर वह संतोष 

वो नहीं कर पाया होगा 

वह संभोग 

जो छू लेता है 

साथी देह की आत्मा को 
अगर तुम हो विवाहित 

और तुमने आज तक 

इस क्रिया के अंतराल में 

अपनी अर्धांगिनी 

को सब कुछ भुला कर 

सुख के चरम को प्राप्त

करते हुए नहीं देखा 

तो तुम भी हो बलात्कारी 

क्योंकि तुमने किया है 

इस साधना के 

नियमों का उलंघन
संभोग नहीं है 

केवल एक देह के

सुख प्राप्त करने की क्रिया 

सहजता से प्राप्त हो जाये 

ऐसा सुख नहीं संभोग

संभोग वो फल है 

जो फलता है 

केवल प्रेम के सजर की

सबसे ऊंची फुनगी पर 

जिसके स्वाद को 

चखा जाना संभव नहीं 

स्त्री की इच्छा के 

विरुद्ध जा कर 
अगर तुम पा गये हो 

यह सुख 

तो तुम साधक हो 

तुमने जीता है 

अपनी स्त्री का मन 

तुमने दूर किया है 

उसकी आँखों से 

नोचे खसोटे जाने के 

एक अंजाने से डर को 

तब तुम पुरुष हो 

एक साहसी पुरुष 

एक विजेता पुरुष 
********************************************
धीरज झा

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s